धर्म प्रतिष्ठा के लिए - Sant Ravidas Songs in Hindi
अप्पाला प्रसाद
9032589036
धर्म प्रतिष्ठा के लिए — उदित हुए रविदास,
जग में चेतना जगाने — प्रेरणा बने रविदास।
भक्ति की ज्योति जलाने — उदित हुए रविदास,
मानवता का मार्ग दिखाने — प्रेरणा बने रविदास॥
अंधी सत्ता, धर्मांधता — जब चारों ओर छाई,
अन्याय और अत्याचार की — जब बढ़ती थी परछाई।
उस कठिन युग की धरती पर — प्रकट हुए रविदास,
मानवता के दीप जलाकर — जग में भर दी आस॥
धर्म प्रतिष्ठा के लिए — उदित हुए रविदास,
जग में चेतना जगाने — प्रेरणा बने रविदास॥
जाति-पांति की संकीर्णता — जिसने उनको घेरा,
भक्ति-ज्ञान की साधना ने — खोला नभ का फेरा।
ऊँचा हुआ आध्यात्मिक पथ — बढ़ते गए रविदास,
सत्संग की अमृत-वाणी से — सबको दिया विश्वास॥
धर्म प्रतिष्ठा के लिए — उदित हुए रविदास,
जग में चेतना जगाने — प्रेरणा बने रविदास॥
वाराणसी की पावन धरती — गोवर्धन में जन्मे,
माघ पूर्णिमा के शुभ दिन — भक्ति-सुधा में रमते।
सादा जीवन, ऊँची साधना — अनुपम उनका प्रकाश,
सेवा, भक्ति, सत्य के पथ पर — चलते रहे रविदास॥
धर्म प्रतिष्ठा के लिए — उदित हुए रविदास,
जग में चेतना जगाने — प्रेरणा बने रविदास॥
भक्त मीरा, झालाबाई — राजघरानों के जन भी,
सत्संग की उस पावन धारा — पहुँचे उनके संग ही।
चरण-पादुका कर्म निभाते — ज्ञान बाँटते रविदास,
हरि का नाम जपते-जपते — पाए परम प्रकाश॥
जय-जय संत रविदास!
जय-जय संत रविदास!
भक्ति, समरसता, मानवता —
जग में भरें रविदास!॥
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