भक्ति मुक्ति दायक है - Guru Ravidas Songs in Hindi
अप्पाला प्रसाद
9032589036
भक्ति मुक्ति दायक है, सत्य-मार्ग प्रेरक है
संत शिरोमणि की वाणी — रविदास गुरु की निशानी
वन-वन जाकर क्यों ढूँढे, जब प्रभु तेरे भीतर हैं?
सर्वव्यापी श्रीराम को, अपने मन में देख ज़रा।
अपने मन के द्वार खोलकर, अंतर में झाँक ज़रा,
ध्यान लगाकर उस ज्योति का, साक्षात्कार कर ज़रा॥
भक्ति मुक्ति दायक है, सत्य-मार्ग प्रेरक है
संत शिरोमणि की वाणी — रविदास गुरु की निशानी
भवसागर को पार कराए, गुरु रामानंद का ज्ञान,
रैदास के जीवन में बनकर, आए प्रभु भगवान।
अनाथों के नाथ गोविंद हैं, दीनों के रखवाले,
सच्चे मन से जो पुकारे, दौड़े आए रखवाले॥
भक्ति मुक्ति दायक है, सत्य-मार्ग प्रेरक है
संत शिरोमणि की वाणी — रविदास गुरु की निशानी
ज्ञान की राह में दीप जलाकर, अज्ञान अँधेरा दूर करो,
कर्म बंधनों को तोड़कर, प्रभु भक्ति भरपूर करो।
जिसने तुझको जन्म दिया है, वही हृदय में वास करे,
बाहर क्यों तू खोज रहा है, भीतर उसका ध्यान धरे॥
भक्ति मुक्ति दायक है, सत्य-मार्ग प्रेरक है
संत शिरोमणि की वाणी — रविदास गुरु की निशानी
पर्वत, वन और घाटी छोड़कर, क्यों भटके दिन-रात?
केवल पेट भरने में ही क्या, जीवन की है बात?
हृदय कमल में ज्योति जगा ले, साधना कर हर बार,
नित्य भजन और ध्यान से पा ले, अपने प्रभु का साक्षात्कार॥
भक्ति मुक्ति दायक है, सत्य-मार्ग प्रेरक है
संत शिरोमणि की वाणी — रविदास गुरु की निशानी
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